Last updated: Nov 24, 2025
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास कार्यालय-1) की वर्ष 2025 की प्रथम बैठक 05 अगस्त 2025 को अपराह्न 2:00 बजे यू.आर. राव उपग्रह केंद्र (यूआरएससी), बेंगलूरु के सतीश धवन सभागार में, समिति के अध्यक्ष एवं निदेशक महोदय, यू आर एस सी, श्री एम शंकरन की अध्यक्षता में आयोजित की गई।
बैठक का शुभारंभ श्रीमती नलिनी प्रकाश द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुआ। तत्पश्चात श्रीमती सीना राजेन्द्रन, उप निदेशक (राजभाषा) महोदया, यू आर एस सी ने स्वागत भाषण प्रस्तुत किया और नराकास बैठक में सभी कार्यालयाध्यक्षों की उपस्थिति को अनिवार्य बताते हुए राजभाषा हिंदी के संवैधानिक दायित्व के निर्वहन में सभी का सामूहिक उत्तरदायित्व रेखांकित किया।
अध्यक्षीय सम्बोधन में श्री एम शंकरन ने राजभाषा अधिनियम एवं नियमों के अनिवार्य अनुपालन, गृह मंत्रालय के वार्षिक कार्यक्रम के लक्ष्यों की प्राप्ति तथा सदस्य कार्यालयों में हिंदी के उत्तरोत्तर प्रयोग पर बल दिया। उन्होंने हिंदी पखवाड़ा एवं हिंदी दिवस सितंबर 2025 में मनाने तथा प्रतियोगिताएँ प्रायोजित करने एवं उनमें अधिकाधिक प्रतिभागिता सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
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बैठक में कुल 124 प्रतिभागियों ने भाग लिया, जिनमें 59 सदस्य कार्यालयों में से 30 कार्यालयाध्यक्ष सम्मिलित थे।
डॉ. महेन्द्र कुमार जैन, सहायक निदेशक, हिंदी शिक्षण योजना ने प्रबोध, प्रवीण, प्राज्ञ, पारंगत एवं प्रवार पाठ्यक्रमों की जानकारी दी तथा 18 अगस्त 2025 को होने वाली टंकण/स्टेनोग्राफी परीक्षाओं एवं जनवरी 2026 से नए सत्रारंभ की सूचना दी।
श्री मनोज कुमार, सदस्य सचिव, नराकास (कार्यालय–1) ने 31 सदस्य कार्यालयों की संकलित रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए प्रगति को संतोषजनक बताया, किंतु त्रैमासिक एवं अर्धवार्षिक प्रतिवेदन समय पर एवं निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत न करने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने त्रैमासिक रिपोर्ट अगले माह की 15 तारीख तक तथा अर्धवार्षिक प्रतिवेदन अप्रैल/अक्टूबर में भेजने का आग्रह किया।
उन्होंने सदस्य कार्यालयों से निर्धारित वार्षिक अंशदान (कर्मचारियों की संख्या के आधार पर ₹2000–₹5000) शीघ्र प्रेषित करने तथा नराकास की वार्षिक पत्रिका “उड़ान” हेतु लेख-कविताएँ भेजने का अनुरोध किया। साथ ही उन्होंने हिंदी कार्यशालाएँ, तकनीकी संगोष्ठियाँ, अनुवाद प्रशिक्षण कार्यक्रम तथा हिंदी माह/दिवस के सामूहिक आयोजन का प्रस्ताव रखा, जिसके अंतर्गत अलग-अलग प्रतियोगिताएँ अलग-अलग कार्यालयों द्वारा प्रायोजित की जाएँगी।
समीक्षा के दौरान श्री बिश्वास ने धारा 3(3) एवं नियम 5 के अनुपालन, द्विभाषी वेबसाइट/नामपट्ट के क्रियान्वयन, ऑनलाइन प्रतिवेदन प्रस्तुति, रिक्त हिंदी पदों पर भर्ती, कंठस्थ 2.0 ऐप के प्रयोग तथा केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो के ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नामांकन पर बल दिया। उन्होंने कुछ कार्यालयाध्यक्षों की अनुपस्थिति पर असंतोष व्यक्त किया, किंतु यू आर एस सी को उत्कृष्ट कार्यान्वयन हेतु बधाई दी।
समीक्षा के दौरान श्री बिश्वास ने धारा 3(3) एवं नियम 5 के अनुपालन, द्विभाषी वेबसाइट/नामपट्ट के क्रियान्वयन, ऑनलाइन प्रतिवेदन प्रस्तुति, रिक्त हिंदी पदों पर भर्ती, कंठस्थ 2.0 ऐप के प्रयोग तथा केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो के ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में नामांकन पर बल दिया। उन्होंने कुछ कार्यालयाध्यक्षों की अनुपस्थिति पर असंतोष व्यक्त किया, किंतु यू आर एस सी को उत्कृष्ट कार्यान्वयन हेतु बधाई दी।
उन्होंने इस बात से अवगत कराया कि अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन एवं हिंदी दिवस समारोह 14-15 सितंबर 2025, गाँधीनगर (गुजरात) में माननीय गृह एवं सहकारिता मंत्री की अध्यक्षता में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने सभी कार्यालयों से इसमें अधिकाधिक प्रतिभागिता सुनिश्चित करने का अनुरोध किया। बैठक की कार्यवाही का संचालन श्रीमती लक्ष्मी देवी, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी ने किया तथा श्रीमती सुजाता कुमारी एम, वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (का-1) की द्वितीय अर्धवार्षिक बैठक एवं संयुक्त हिंदी पखवाड़ा पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन दिनांक 24 दिसंबर 2024 को किया गया। इस दौरान अंतर कार्यालयीन प्रतियोगिता के तहत आयोजित 08 गिताओं के लगभग 90 विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया गया। साथ ही, उत्कृष्ट हिंदी कार्यान्वयन हेतु निदेशक, यू.आर.एस.सी एवं अध्यक्ष, नराकास (का-1) के कर-कमलों द्वारा सदस्य कार्यालयों को शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
यू.आर.राव उपग्रह केंद्र को, उत्कृष्ट हिंदी कार्यान्वयन हेतु सर्वोत्कृष्ट पुरस्कार प्राप्त हुआ। इस दौरान नराकास (का-1) के लिए वर्ष 2025 के कैलेंडर का भी विमोचन किया गया
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के वर्ष 2024 की प्रथम बैठक यू.आर. राव उपग्रह केंद्र-यू.आर.एस.सी., बेंगलूरु के सतीश धवन सभागृह में दिनांक 19 जुलाई 2024 को अपराह्न 2.00 बजे आयोजित की गई। श्री एम. शंकरन, अध्यक्ष, नराकास (का.-1) एवं निदेशक, यू.आर. राव उपग्रह केंद्र-यू.आर.एस.सी. ने बैठक की अध्यक्षता की। साथ ही, श्रीमती अंजली एलिस शंकर, नियंत्रक, यू.आर.एस.सी., श्री एन. पट्टाभिरामन, वरिष्ठ कार्मिक व सामान्य प्रशासन, यू.आर.एस.सी. व श्री अनिर्बान कुमार विश्वास, उप निदेशक (का.) एवं कार्यालय अध्यक्ष, क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय, राजभाषा विभाग उक्त बैठक में उपस्थित रहे।
श्रीमती नलिनि प्रकाश एम.एस., अनुवाद अधिकारी ने ईश वंदना प्रस्तुत की।
श्रीमती सीना राजेंद्रन, उप निदेशक (रा.भा.), यू.आर.एस.सी. ने बैठक में उपस्थित सभी गणमान्यों का स्वागत करते हुए कहा कि नराकास की बैठकों में कार्यालय के प्रधानों की उपस्थिति अनिवार्य है, क्योंकि बैठकों में राजभाषा संबंधी नीति नियमों एवं विभिन्न आदेशों के बारे में अवगत कराया जाता है। तदनंतर उन्होंने कहा कि तकनीकी एवं अनुसंधान कार्यों में व्यस्तता के बावजूद अध्यक्ष महोदय यह सुनिश्चित करते हैं कि नराकास की बैठकें समय पर आयोजित किए जा रहे हैं और राजभाषा नियम व अधिनियमों की आवश्यकताओं को पूरा किया जा रहा है। तदनंतर उन्होंने नराकास (का.-1) के कार्यालय प्रधान, उच्च अधिकारियों एवं प्रतिभागियों का भी स्वागत किया।
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श्री एम. शंकरन, निदेशक, यू.आर.एस.सी./अध्यक्ष, नराकास (का.-1) ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि जिस प्रकार देश की अनेक भाषाओं को हिंदी एकता के सूत्र में बाँधती है उसी प्रकार नराकास, नगर के सरकारी कार्यालयों को एक स्थान में एकत्रित करती है ताकि सभी सरकारी कार्यालय मिलकर राजभाषा के प्रचार में पूरा योगदान कर सके। हमें भारत के संविधान के अनुसार राजभाषा नियम और राजभाषा अधिनियम का पूरा अनुपालन करना है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम में निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए हमें कार्यालय में हिंदी के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना है। स्वभाषा से हमें भारत के आत्मनिर्भरता में योगदान देना है। उन्होंने नराकास के मंच से सभी से अपील किया कि वे अपने कार्यालय में हिंदी को प्रोत्साहित करें और निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करें।
श्रीमती गीता प्रसाद, सदस्य सचिव नराकास (का.-1) एवं सहायक निदेशक (रा.भा.), यू.आर.एस.सी. ने सूचित किया कि राजभाषा हिंदी का प्रचार-प्रसार करना, राजभाषा नीतियों और आदेशों का अनुपालन एवं कार्यान्वयन हम सबका संवैधानिक दायित्व है। हिंदी के प्रगामी प्रयोग के संबंध में सभी सदस्य कार्यालयों से छमाही रिपोर्ट मँगवाई गई थी, जिसकी समेकित रिपोर्ट सभी कार्यालयों को भेजी गई। सभी कार्यालयों में अधिकांशतः हिंदी में काम निःसंदेह सुचारु रूप से चल रहा है तथापि इसको और आगे बढ़ाने हेतु हम सबको मिलकर प्रयास करना होगा। अध्यक्ष महोदय की अनुमति से बैठक की कार्यवाही की।
श्री अनिर्बान कुमार विश्वास, उप निदेशक (का.), क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय, राजभाषा विभाग ने कहा कि हमें हिंदी की आवश्यकता है क्योंकि यह सभी को एक सूत्र में बांधती है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम सरकारी काम काज में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग सुनिश्चित करें। उन्होंने नराकास (का.-1), संयोजक; यू.आर. राव उपग्रह केंद्र को बधाई दी और कहा कि यहाँ पर हिंदी का काम बहुत ही सुचारू रूप से हो रहा है । यह निश्चित रूप से गौरव की बात है। इसी तरह हिंदी के प्रचार-प्रसार में अपना योगदान दें। तदनंतर उन्होंने विभिन्न सदस्य कार्यालयों से प्राप्त छमाही प्रगति रिपोर्टों की समीक्षा की, कई सुझाव दिए और राजभाषा कार्यान्वयन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ते रहने का आग्रह किया।
श्रीमती लक्ष्मी देवी, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी ने बैठक का संचालन किया तथा श्रीमती गीता प्रसाद ने सभी गणमान्य एवं सभी अधिकारी/कर्मचारियों का आभार प्रकट किया।
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के वर्ष 2023 की दूसरी बैठक यू.आर. राव उपग्रह केंद्र-यू.आर.एस.सी., बेंगलूरु के सतीश धवन सभागृह में दिनांक 15 दिसंबर 2023 को अपराह्न 2.00 बजे आयोजित की गई। श्री एम. शंकरन, अध्यक्ष, नराकास (का.-1) एवं निदेशक, यू.आर. राव उपग्रह केंद्र-यू.आर.एस.सी. ने बैठक की अध्यक्षता की। साथ ही, श्रीमती अंजली एलिस शंकर, नियंत्रक, यू.आर.एस.सी., श्री एन. पट्टाभिरामन, वरिष्ठ कार्मिक व सामान्य प्रशासन, यू.आर.एस.सी. व श्री अनिर्बान कुमार विश्वास, उप निदेशक (का.) एवं कार्यालय अध्यक्ष, क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय, राजभाषा विभाग उक्त बैठक में उपस्थित रहे। श्री अनिल कुमार साहू, सहायक निदेशक, हिंदी शिक्षण योजना भी बैठक में उपस्थित रहे।
श्रीमती नलिनि प्रकाश एम.एस., कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी ने ईश वंदना प्रस्तुत की। मंचासीन गणमान्यों द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ बैठक का शुभारंभ किया गया। श्रीमती सीना राजेंद्रन, उप निदेशक (रा.भा.), यू.आर.एस.सी. ने बैठक में उपस्थित सभी गणमान्यों का स्वागत किया।
श्री एम. शंकरन, निदेशक, यू.आर.एस.सी./अध्यक्ष, नराकास (का.-1) ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति का उद्देश्य है कि हम सब मिलकर राजभाषा के प्रचार में पूरा योगदान दें। इसके लिए प्रत्येक कार्यालय को हिंदी के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करना होगा। उन्होंने यह भी अपील किया कि अपने-अपने कार्यालय में अपने काम के साथ पूरी निष्ठा से राजभाषा में भी पहल करें और निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करें। सभी प्रतिभागियों और पुरस्कार विजेताओं को उन्होंने शुभकामनाएं दी। बैठक में लगभाग 106 सदस्य कार्यालयों से कुल 163 प्रतिभागी उपस्थित रहे।
श्री अनिल कुमार साहू, सहायक निदेशक, हिंदी शिक्षण योजना ने कहा कि कोरमंगला में स्थित हिंदी शिक्षण योजना कार्यालय में केंद्रीय सरकारी कार्यालयों के कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है।
श्रीमती गीता प्रसाद, सदस्य सचिव नराकास (का.-1) एवं सहायक निदेशक (रा.भा.), यू.आर.एस.सी. ने सूचित किया कि राजभाषा हिंदी का प्रचार-प्रसार करना, राजभाषा नीतियों और आदेशों का अनुपालन एवं कार्यान्वयन हम सबका संवैधानिक दायित्व है। सभी कार्यालयों में अधिकांशतः हिंदी में काम निःसंदेह सुचारु रूप से चल रहा है, तथापि इसको और आगे बढ़ाने हेतु हम सबको मिलकर प्रयास करना होगा।
बैठक में वर्ष 2022-23 के दौरान राजभाषा कार्यान्वयन की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विजेता कार्यालयों को अध्यक्ष, नराकास (का.-1) के कर-कमलों द्वारा शील्ड एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए गए। यू.आर. राव उपग्रह केंद्र में राजभाषा का उत्तम कार्यान्वयन एवं नराकास में राजभाषा के प्रचार-प्रसार एवं प्रोत्साहन के लिए उत्कृष्ट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यू.आर.एस.सी. के राजभाषा कर्मचारियों ने इसे सहर्ष स्वीकार किया।
बैठक के दौरान नराकास (का.-1) के तत्वावधान में मंचासीन विद्तजनों द्वारा वर्ष 2024 कैलेंडर का विमोचन किया गया। साथ ही, उन्होंने नवंबर-दिसंबर 2023 के दौरान संयुक्त हिंदी पखवाड़ा समारोह के तहत आयोजित अंतर-कार्यालयीन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी बधाई दी।
श्री अनिर्बान कुमार विश्वास, उप निदेशक (का.) एवं कार्यालय अध्यक्ष, क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय, राजभाषा विभाग ने विभिन्न सदस्य कार्यालयों से प्राप्त प्रगति रिपोर्टों की समीक्षा की एवं कई सुझाव दिए।
श्रीमती गीता प्रसाद ने सभी गणमान्यों एवं सभी अधिकारी/कर्मचारियों का आभार प्रकट किया। श्रीमती लक्ष्मी देवी, अनुवाद अधिकारी ने मंच का संचालन किया।
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के वर्ष 2023 की प्रथम बैठक यू.आर. राव उपग्रह केंद्र-यू.आर.एस.सी., बेंगलूरु के एम.ओ.सी.सी. सम्मेलन कक्ष में दिनांक 27 जून 2023 को पूर्वाह्न 11.00 बजे ऑनलाईन मोड द्वारा आयोजित की गई। श्री एम. शंकरन, अध्यक्ष, नराकास (का.-1) एवं निदेशक, यू.आर. राव उपग्रह केंद्र-यू.आर.एस.सी. ने बैठक की अध्यक्षता की। साथ ही, श्री पट्टाभि रामन एन., वरिष्ठ कार्मिक व सामान्य प्रशासन, यू.आर.एस.सी. भी उक्त बैठक में उपस्थित रहे।
राजभाषा विभाग से श्री अनिर्बान कुमार विश्वास, उप निदेशक (का.), क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (दक्षिण), राजभाषा विभाग, श्री अनिल साहू, सहायक निदेशक, हिंदी शिक्षण योजना भी बैठक में उपस्थित रहे।
श्रीमती नलिनि प्रकाश एम.एस., कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी ने ईश वंदना प्रस्तुत की।
श्रीमती सीना राजेंद्रन, उप निदेशक (रा.भा.), यू.आर.एस.सी. ने सर्वप्रथम अध्यक्ष महोदय एवं ऑनलाइन से जुड़े नराकास (का.-1) के कार्यालय प्रधान, उच्च अधिकारियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया। उन्होंने अध्यक्ष महोदय को आश्वासन दिया कि उनके नेतृत्व में नराकास (का.-1), राजभाषा कार्यान्वयन के प्रचार-प्रसार की दिशा में निरंतर अग्रसर रहेगा।
श्री एम. शंकरन, निदेशक, यू.आर.एस.सी./अध्यक्ष, नराकास (का.-1) ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2023 बहुत उल्लेखनीय है। यू.आर. राव उपग्रह केंद्र में चंद्रयान, आदित्य और कई उपग्रहों का निर्माण किया जा रहा है। उपग्रह के अनुप्रयोगों से देश की आम जनता तक अंतरिक्ष आधारित सेवाएँ पहुँचाई जा रही है। इसके लिए हमें विज्ञान के साथ-साथ राजभाषा का भी समर्थन करना होगा। उन्होंने कहा कि नगर राजभाषा समिति के मंच से हम सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सभी छियानबे (96) सदस्य कार्यालयों में राजभाषा नियम और राजभाषा अधिनियम का पूरा पालन हो रहा है। गृह मंत्रालय द्वारा जारी वार्षिक कार्यक्रम में निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति की जा रही है। सभी अधिकारियों और कर्मचारियों से अपील किया कि वे अपने-अपने कार्य क्षेत्र में पूरी जिम्मेदारी के साथ राजभाषा में पहल करें और निष्ठा से लक्ष्य को प्राप्त करें। भारत की सेवा और प्रगति में राजभाषा का विशेष योगदान होना चाहिए। उन्हें विश्वास है कि हम सब एक साथ पूरी जिम्मेदारी और मेहनत से कार्यालय में हिंदी का व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे।
श्री अनिल कुमार साहू, सहायक निदेशक, हिंदी शिक्षण योजना ने कहा कि कोरमंगला में स्थित हिंदी शिक्षण योजना कार्यालय में केंद्रीय सरकारी कार्यालयों के कर्मचारियों के लिए हिंदी टंकण व आशुलिपि प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। उन्होंने इससे संबंधित विभिन्न व्यवस्था से अवगत कराया।
श्रीमती गीता प्रसाद, सदस्य सचिव नराकास (का.-1) एवं सहायक निदेशक (रा.भा.), यू.आर.एस.सी. ने सूचित किया कि राजभाषा हिंदी का प्रचार-प्रसार करना, राजभाषा नीतियों और आदेशों का अनुपालन एवं कार्यान्वयन हम सबका संवैधानिक दायित्व है। सभी कार्यालयों में अधिकांशतः हिंदी में काम निःसंदेह सुचारु रूप से चल रहा है तथापि इसको और आगे बढ़ाने हेतु हम सबको मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने अध्यक्ष महोदय की अनुमति से कार्यसूची के अनुसार बैठक का संचालन किया।
श्री अनिर्बान कुमार विश्वास, उप निदेशक (का.), क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय, राजभाषा विभाग ने कहा कि राजभाषा हिंदी विभिन्न भाषाओं को जोड़ने के लिए एक सेतु का काम करती है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम सरकारी काम काज में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग सुनिश्चित करें। तदनंतर उन्होंने विभिन्न सदस्य कार्यालयों से प्राप्त छमाही प्रगति रिपोर्टों की समीक्षा की, कई सुझाव दिए और राजभाषा कार्यान्वयन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ते रहने का आग्रह किया। उन्होंने नराकास (का.-1), संयोजक; यू.आर. राव उपग्रह केंद्र को बधाई दी और कहा कि यहाँ पर हिंदी का काम बहुत ही सुचारू रूप से हो रहा है । यह निश्चित रूप से गौरव की बात है।
श्रीमती लक्ष्मी देवी, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी ने बैठक का संचालन किया तथा सभी गणमान्यों एवं सभी अधिकारी/कर्मचारियों का आभार प्रकट किया।
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के वर्ष 2022 की दूसरी बैठक यू.आर. राव उपग्रह केंद्र-यू.आर.एस.सी., बेंगलूरु के सतीश धवन सभागृह में दिनांक 16 दिसंबर 2022 को अपराह्न 2.00 बजे आयोजित की गई। श्री एम. शंकरन, अध्यक्ष, नराकास (का.-1) एवं निदेशक, यू.आर. राव उपग्रह केंद्र-यू.आर.एस.सी. ने बैठक की अध्यक्षता की। साथ ही, श्रीमती अंजली एलिस शंकर, नियंत्रक, यू.आर. राव उपग्रह केंद्र उक्त बैठक में उपस्थित रही।
राजभाषा विभाग से श्री अनिर्बान कुमार विश्वास, उप निदेशक (का.), क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय (दक्षिण), राजभाषा विभाग, श्री अनिल साहू, सहायक निदेशक, हिंदी शिक्षण योजना भी बैठक में उपस्थित रहे।
राजभाषा विभाग से श्री नरेंद्र सिंह मेहरा, सहायक निदेशक (कार्या.) एवं कार्यालय अध्यक्ष, क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय ऑनलाइन द्वारा जुड़े रहे। डॉ. राधिका देवी, उप निदेशक, हिंदी शिक्षण योजना, श्री एम.एम. भांडेकर, सहायक निदेशक एवं केंद्र प्रभारी, केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो तथा श्री अनिल साहू, हिंदी शिक्षण योजना भी बैठक में उपस्थित रहे।
श्रीमती नलिनि प्रकाश एम.एस., कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी ने ईश वंदना प्रस्तुत की। मंचासीन गणमान्यों द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ बैठक का शुभारंभ किया गया।
श्रीमती सीना राजेंद्रन, उप निदेशक (रा.भा.), यू.आर.एस.सी. ने बैठक में उपस्थित सभी गणमान्यों का स्वागत किया। तदनंतर उन्होंने कहा कि यू.आर.एस.सी. में उपग्रह संबंधी काम के साथ-साथ पिछले पाँच सालों से नराकास के संयोजन का भी कार्य किया है। तकनीकी कार्यों में व्यस्तता के बावजूद अध्यक्ष महोदय हमेशा हिंदी को प्रोत्साहित करते रहे हैं और केंद्र में राजभाषा को पूर्ण सहयोग उपलब्ध कराया है। साथ ही, उन्होंने अध्यक्ष महोदय को आश्वासन देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति द्वारा राजभाषा का प्रचार-प्रसार प्रगति की दिशा में अग्रसर रहेगा।
श्री एम. शंकरन, निदेशक, यू.आर.एस.सी./अध्यक्ष, नराकास (का.-1) ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति में हम भी चाहते हैं कि प्रत्येक कार्यालय में सभी पत्राचार द्विभाषा में होने चाहिए, हिंदी में प्राप्त पत्रों का उत्तर हिंदी में दिया जाए, कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाए, समय समय पर कार्यशाला, प्रतियोगिता का आयोजन किया जाए। प्रति वर्ष हिंदी दिवस और विश्व हिंदी दिवस मनाया जाए। कार्यालय का ईन्ट्रनेट् और ईन्टेर्नेट् बिलिन्गुअल् में हो।
बैठक में लगभाग 95 सदस्य कार्यालयों से कुल 163 प्रतिभागी उपस्थित रहे। प्रतिभागियों की सूची अनुबंध-1 में दी गई है।
डॉ. राधिका देवी, उप निदेशक, हिंदी शिक्षण योजना ने कहा कि जनवरी 2023 से अगले सत्र को आरंभ किया जा रहा है। इस संबंध में नराकास के सभी सदस्य कार्यालयों को परिपत्र परिचालित करने हेतु सदस्य सचिवों को पत्र भेजा गया है। उन्होंने अनुरोध किया कि सभी कार्यालय हिंदी प्रशिक्षण, टंकण व आशुलिपि के लिए शेष कर्मचारियों के नामांकन को शीघ्रातिशीघ्र हिंदी शिक्षण योजना को अग्रेषित करें और राजभाषा विभाग के निदेशानुसार समय पर प्रशिक्षण पूरा करने का प्रयास करें।
श्री एम.एम. भांडेकर, सहायक निदेशक एवं केंद्र प्रभारी, केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो, केंद्रीय सदन, बेंगलूरु ने कहा कि पहले अनुवाद प्रशिक्षण कार्यक्रम 90 दिवसीय का पाठ्यक्रम होता था लेकिन अब उसे 30 दिवसीय पाठ्यक्रम में रूपित किया गया है। उन्होंने सभी सदस्य कार्यालयों के प्रधानों से अनुरोध किया कि अपने कार्यालय में कार्यरत अनुवाद अधिकारियों/हिंदी में प्रशिक्षित सभी पदधारियों को इस पुनश्चर्या पाठ्यक्रम में यथाशीघ्र नामित करें, ताकि हिंदी का प्रचार-प्रसार एवं कार्यालय के दैनिक कामकाज में हिंदी का अधिकाधिक उपयोग किया जा सके।
श्रीमती गीता प्रसाद, सदस्य सचिव नराकास (का.-1) एवं सहायक निदेशक (रा.भा.), यू.आर.एस.सी. ने सूचित किया कि राजभाषा हिंदी का प्रचार-प्रसार करना, राजभाषा नीतियों और आदेशों का अनुपालन एवं कार्यान्वयन हम सबका संवैधानिक दायित्व है। हिंदी के प्रगामी प्रयोग के संबंध में सभी सदस्य कार्यालयों से छमाही रिपोर्ट मँगवाई गई थी, जिसकी समेकित रिपोर्ट सभी कार्यालयों को भेजी गई। सभी कार्यालयों में अधिकांशतः हिंदी में काम निःसंदेह सुचारु रूप से चल रहा है, तथापि इसको और आगे बढ़ाने हेतु हम सबको मिलकर प्रयास करना होगा।
उन्होंने सूचित किया कि वर्ष 2019-20, 2020-21 के दौरान राजभाषा कार्यान्वयन की दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्यालयों को कोविड वैश्विक महामारी के कारण शील्ड नहीं दिया जा सका। अतः आज इस सुअवसर पर वर्ष 2021-22 के साथ वर्ष 2019-20, 2020-21 के दौरान शील्ड विजेता कार्यालयों को भी अध्यक्ष, नराकास (का.-1) के कर-कमलों द्वारा शील्ड एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किए जाएंगे। साथ ही, उन्होंने नवंबर-दिसंबर 2022 के दौरान संयुक्त हिंदी पखवाड़ा समारोह के तहत आयोजित अंतर-कार्यालयीन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी बधाई दी।
तत्पश्चात् उन्होंने अध्यक्ष महोदय की अनुमति से बैठक की कार्यवाही शुरु की। इसके उपरान्त कार्यसूची पर चर्चा आरंभ हुई।
नराकास (का.-1) के तत्वावधान में .........
संयुक्त हिंदी माह के तहत दिनांक 18 नवंबर 2022 से 04 दिसंबर 2022 तक विभिन्न सदस्य कार्यालयों द्वारा कुल 11 प्रतियोगिताओं का आयोजन व प्रायोजन किया गया। बैठक के दौरान पुरस्कार वितरण समारोह का भी आयोजन किया गया एवं 80 विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किया गया।
सदस्य कार्यालयों में राजभाषा कार्यान्वयन को बढ़ावा देने के लिए समिति हर वर्ष राजभाषा शील्ड प्रदान कर रही है। वर्ष 2021-22 के दौरान राजभाषा नीति के सर्वोत्कृष्ट कार्य निष्पादन के आधार पर समिति द्वारा निम्न बड़े एवं छोटे कार्यालयों को शील्ड एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान करने का निर्णय लिया गया ः-
| 1 | यू.आर. राव उपग्रह केंद्र - URSC | उत्कृष्ट |
| 2 | कर्मचारी भविष्य निधि संगठन - EPFO | प्रथम |
| 3 | द्रव नोदन प्रणाली केंद्र - LPSC | द्वितीय |
| 4 | केंद्रीय रेशम बोर्ड - CSB | तृतीय |
| 5 | भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (कर्नाटक व गोवा) - GSI-SU K&G | तृतीय |
| 1 | क्षेत्रीय सुदूर संवेदन केंद्र-दक्षिण | प्रथम |
| 2 | क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय - PO | द्वितीय |
| 3 | केंद्रीय विद्यालय संगठन - KVS | तृतीय |
| 4 | केंद्रीय कर आयुक्त का कार्यालय अपील ईई आयुक्तालय (Appeals II) | प्रोत्साहन |
बैठक के दौरान नराकास (का.01) के लिए वर्ष 2023 के कैलेंडर का भी विमोचन किया गया।
श्रीमती सुजाता कुमारी एम., वरिष्ठ अनुवाद अधिकारी ने सभी गणमान्यों एवं सभी अधिकारी/कर्मचारियों का आभार प्रकट किया।
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के वर्ष 2022 की प्रथम बैठक यू.आर. राव उपग्रह केंद्र-यू.आर.एस.सी., बेंगलूरु के सतीश धवन सभागृह में दिनांक 19 जुलाई 2022 को अपराह्न 2.30 बजे आयोजित की गई। श्री एम. शंकरन, अध्यक्ष, नराकास (का.-1) एवं निदेशक, यू.आर. राव उपग्रह केंद्र-यू.आर.एस.सी. ने बैठक की अध्यक्षता की। साथ ही, श्रीमती विजयलक्ष्मी बिदरी, नियंत्रक, यू.आर. राव उपग्रह केंद्र तथा श्री पट्टाभि रामन एन., वरिष्ठ कार्मिक व सामान्य प्रशासन, यू.आर.एस.सी. भी उक्त बैठक में उपस्थित रहे।
राजभाषा विभाग से श्री नरेंद्र सिंह मेहरा, सहायक निदेशक (कार्या.) एवं कार्यालय अध्यक्ष, क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय, जभाषा विभाग, डॉ. राधिका देवी, उप निदेशक, हिंदी शिक्षण योजना तथा श्री अनिल साहू, हिंदी शिक्षण योजना भी बैठक में उपस्थित रहे।
श्रीमती नलिनि प्रकाश एम.एस., कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी ने ईश वंदना प्रस्तुत की। मंचासीन गणमान्यों द्वारा दीप प्रज्जवलन के साथ बैठक का शुभारंभ किया गया।
श्रीमती सीना राजेंद्रन, उप निदेशक (रा.भा.), यू.आर.एस.सी. ने सर्वप्रथम अध्यक्ष महोदय का स्वागत किया और कहा कि वर्ष 2022 यू.आर.एस.सी. के लिए विशेष महत्व रखता है। पीण्या के शेड से लेकर यू.आर.एस.सी. ने 50 वर्ष की लंबी यात्रा तय की है। केंद्र ने इन्सैट, आई.आर.एस. तथा विभिन्न प्रकार के उपग्रहों के निर्माण से राष्ट्र की प्रगति में विशेष योगदान दिया है। आज देश-विदेश में इसरो की ख्याति है। उन्होंने अध्यक्ष महोदय को आश्वासन दिया कि उनके नेतृत्व में नराकास (का.-1) राजभाषा कार्यान्वयन के प्रचार-प्रसार की दिशा में अग्रसर रहेगा। तदनंतर, उन्होंने श्रीमती विजयलक्ष्मी बिदरी, नियंत्रक, यू.आर.एस.सी. का भी स्वागत किया और कहा कि मैडम ने अप्रैल 2019 में यू.आर.एस.सी. में नियंत्रक का कार्यभार संभाला और तब से राजभाषा के कार्यान्वयन में हमेशा प्रोत्साहित किया है और उनके मार्गदर्शन में हिंदी कार्यान्वयन सुचारू रूप से किया जा रहा है। श्रीमती सीना राजेंद्रन ने तदनंतर मंचासीन अधिकारियों के साथ-साथ सभागार में उपस्थित कार्यालय प्रधान, उच्च अधिकारियों एवं प्रतिभागियों का भी स्वागत किया।
श्री एम. शंकरन, निदेशक, यू.आर.एस.सी./अध्यक्ष, नराकास (का.-1) ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि इस वर्ष यू.आर. राव उपग्रह केंद्र में स्वर्ण जयंती मनाया जा रहा है। करोना महामारी के बाद यू.आर. राव उपग्रह केंद्र में नराकास की यह पहली ऑफलाइन बैठक है। संविधान की नीति है कि सरकारी कार्यालय में हिंदी का प्रचार-प्रसार करना है और सभी सरकारी कर्मचारियों को कार्यालय का काम हिंदी में करना है। ‘ग’ क्षेत्र के वैज्ञानिक संस्थान तथा प्रशासनिक संस्था में हमें कम से कम 55% काम हिंदी में करना है। नराकास का उद्देश्य है कि हम सब मिलकर राजभाषा के प्रचार में पूरा योगदान करें। इसके लिए प्रत्येक कार्यालय अध्यक्ष को हिंदी के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करना होगा ।
डॉ. राधिका देवी, उप निदेशक, हिंदी शिक्षण योजना ने हिंदी प्रशिक्षण से संबंधित विभिन्न पाठ्यक्रम के बारे में सूचना प्रदान की। उन्होंने अनुरोध किया कि सभी कार्यालय हिंदी प्रशिक्षण, टंकण व आशुलिपि के लिए शेष कर्मचारियों के नामांकन भेजें और राजभाषा विभाग के निदेशानुसार समय पर प्रशिक्षण पूरा करने का प्रयास करें।
श्रीमती गीता प्रसाद, सदस्य सचिव नराकास (का.-1) एवं सहायक निदेशक (रा.भा.), यू.आर.एस.सी. ने सूचित किया कि राजभाषा हिंदी का प्रचार-प्रसार करना, राजभाषा नीतियों और आदेशों का अनुपालन एवं कार्यान्वयन हम सबका संवैधानिक दायित्व है। सभी कार्यालयों में अधिकांशतः हिंदी में काम निःसंदेह सुचारु रूप से चल रहा है, तथापि इसको और आगे बढ़ाने हेतु हम सबको मिलकर प्रयास करना होगा। उन्होंने अध्यक्ष महोदय की अनुमति से कार्यसूची के अनुसार बैठक का संचालन किया।
श्री नरेंद्र सिंह मेहरा, सहायक निदेशक (कार्या.) एवं कार्यालय अध्यक्ष, क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय, राजभाषा विभाग ने कहा कि यह बड़ी ही खुशी की बात है कि लंबे समयांतराल के बाद बड़ी संख्या में सदस्य कार्यालय अध्यक्ष एवं राजभाषा कर्मी इस बैठक में एकत्रित हुए हैं। तदनंतर उन्होंने विभिन्न सदस्य कार्यालयों से प्राप्त प्रगति रिपोर्टों की समीक्षा की, कई सुझाव दिए और राजभाषा कार्यान्वयन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ते रहने का आग्रह किया।
उन्होंने नराकास (का.-1), संयोजक; यू.आर. राव उपग्रह केंद्र को बधाई दी और कहा कि यहाँ पर हिंदी का काम बहुत ही सुचारू रूप से हो रहा है और साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि संसदीय राजभाषा समिति भी इसरो में उत्कृष्ट हिंदी कार्यान्वयन की मिसाल देती है। यह निश्चित रूप से गौरव की बात है। इसी तरह हिंदी के प्रचार-प्रसार में आगे भी अपना योगदान बनाएं रखें।
श्रीमती लक्ष्मी देवी, कनिष्ठ अनुवाद अधिकारी ने सभी गणमान्यों एवं सभी अधिकारी/कर्मचारियों का आभार प्रकट किया।
यह अत्यंत गर्व की बात है कि बड़े विभागों की श्रेणी में, अंतरिक्ष विभाग को प्रथम राजभाषा कीर्ति पुरस्कार हेतु घोषित किया गया है। दिनांक 14 सितंबर 2017 को महामहिम राष्ट्रपति के करकमलों द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य पर यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा।
राजभाषा कार्यान्वयन को बढ़ावा देने के लिए नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, कार्यालय-1, बेंगलूरु द्वारा वर्ष 2016-17 के दौरान राजभाषा नीति के सर्वोत्कृष्ट कार्य निष्पादन के आधार पर बडे कार्यालयों की श्रेणी में इसरो उपग्रह केंद्र, बेंगलूरु को द्वितीय पुरस्कार प्राप्त हुआ। अध्यक्ष नराकास, का.01 के करकमलो से श्री मनोहर एल. वाणियर, वरिष्ठ प्रधान कार्मिक व सामान्य प्रशासन ने शील्ड प्राप्त किया एवं श्रीमती गीता प्रसाद ने प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया।
आईज़ेक को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, बेंगलूरु (का.1) का कार्यभार सौंपा गया है तथा 82 सदस्य कार्यालय इस समिति के अधीन हैं। डॉ. अण्णादुरै एम., निदेशक, आईज़ेक समिति के अध्यक्ष एवं श्रीमती गीता प्रसाद, हिन्दी अधिकारी को सदस्य सचिव के रुप में नामित किया गया है। श्री मनोहर एल. वाणियर, वरिष्ठ प्रधान कार्मिक व सामान्य प्रशासन की अध्यक्षता में दिनांक 16 जून 2017 को सदस्य कार्यालयों के राजभाषा अधिकारी/प्रतिनिधियों की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान मुख्य रुप से इस बात पर बल दिया गया कि नराकास के तत्वावधान में राजभाषा कार्यान्वयन को उसके प्रगति के पथ पर ले जाने हेतु सक्रिय रुप से सभी सदस्य कार्यालयों को एकजुट होकर काम करें, ताकि राजभाषा को नराकास (का.1) के जरिए उसके उचित स्थान पर विराजमान करवाया जा सके।
डॉ. आलोक श्रीवास्तव, परियोजना निदेशक, जी.आईसैट-2 ने आईज़ेक की तकनीकी गतिविधियों एवं राजभाषा कार्यान्वयन के क्रियाकलापों के बारे में पी.पी.टी. के जरिए प्रस्तुतीकरण दिया। श्रीमती नलिनी प्रकाश एम.एस., हिंदी अनुवादक ने ईश वंदना प्रस्तुत की।
श्री मनोहर एल. वाणियर, वरिष्ठ प्रधान कार्मिक व सामान्य प्रशासन, आईज़ेक ने मंचासीन अधिकारियों के साथ-साथ सभागार में उपस्थित कार्यालय प्रधानों एवं पदाधिकारियों का स्वागत किया। साथ ही उन्होंने निदेशक, एन.ए.एल. को अब तक नराकास के सुचारु संचालन हेतु आभार व्यक्त किया एवं डॉ. पी.एस.आर. मूर्ति, वरिष्ठ हिंदी अधिकारी, एन.ए.एल. को उनके सहयोग एवं मार्गदर्शन के लिए भी आभार प्रकट किया। आगे उन्होंने, राजभाषा के कार्यान्वयन को प्रगति के पथ पर ले जाने हेतु सभी सदस्यों के सहयोग के लिए आग्रह किया तथा उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि जो भी छोटे कार्यालय हैं और किसी कार्यक्रम के आयोजन या प्रायोजन में एवं हिंदी के प्रगामी प्रयोग के संबंध में कोई कठिनाईयों का सामना कर रहे हों तो यह समिति सदैव उनकी सहायता करने हेतु तत्पर रहेगी।
बैठक के दौरान श्रीमती गीता प्रसाद, सदस्य सचिव द्वारा कार्यसूची के मदों पर विस्तार से चर्चा की गई एवं नए प्रस्तावों को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। श्री टेकचंद, उप निदेशक (कार्या.), क्षेकाका, राजभाषा विभाग ने विभिन्न सदस्य कार्यालयों से प्राप्त प्रगति रिपोर्टों की समीक्षा की तथा अनुपालन हेतु कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की।
श्री अनूप श्रीवास्तव, नियंत्रक, आईज़ेक ने सभा में उपस्थित सभी पदाधिकारियों से अपील किया कि हिंदी के प्रचार-प्रसार को केवल लक्ष्य प्राप्त करने तक ही सीमित न रखते हुए उसे दैनिक काम-काज एवं बोलचाल में सहज रुप से उसका प्रयोग करें, जिससे स्वतः हिंदी का प्रचार-प्रसार होगा और इससे लोगों में हिंदी के प्रति जागरुकता बढ़ेगी और लोगों में हिंदी के प्रति झिझक दूर होगी।
वर्ष 2016-17 के दौरान राजभाषा नीति के सर्वोत्कृष्ट कार्य निष्पादन के आधार पर कर्मचारियों की संख्या को ध्यान में रखते हुए सदस्य कार्यालयों को बड़े एवं छोटे में विभाजित करके निम्नलिखित कार्यालयों को अध्यक्ष, नराकास द्वारा शील्ड और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए
| राजभाषा शील्ड | प्रशस्ति पत्र | |
| 1 | सी.एस.आई.आर.- राष्ट्रीय वांतरिक्ष प्रयोगशालाएँ | डॉ. प्र.श्री मूर्ति, वरिष्ठ हिंदी अधिकारी, एस.जी.. |
| 2 | इसरो उपग्रह केंद्र | श्रीमती गीता प्रसाद, हिंदी अधिकारी |
| 3 | भारतीय प्रबंध संस्थान | सुश्री नीता जॉन |
| राजभाषा शील्ड | प्रशस्ति पत्र | |
| 1 | सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स ऑफ इंडिया | श्रीमती शशिकला एन.एस., राजभाषा अधिकारी |
| 2 | क्षेत्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण कार्यालय | श्री पी.के. त्रिपाठी, राजभाषा अधिकारी |
| 3 | विद्युत प्रणाली प्रशिक्षण संस्थान | श्री संजय डी. पाटील, राजभाषा अधिकारी |
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति के वर्ष 2017 की दूसरी बैठक इसरो उपग्रह केंद्र-आईज़ेक, बेंगलूरु के सतीश धवन सभागृह में दिनांक 19 दिसंबर 2017 को अपराह्न 2.30 बजे आयोजित की गई। डॉ. एम. अण्णादुरै, अध्यक्ष, नराकास (का-1) एवं निदेशक, इसरो उपग्रह केंद्र-आईज़ेक ने बैठक की अध्यक्षता की।
राजभाषा विभाग से श्री टेकचंद, उप निदेशक (कार्या), क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय, श्री ईश्वरचन्द्र मिश्र, सहायक निदेशक, केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो एवं श्री राजेंद्र कुमार शर्मा, सहायक निदेशक, हिंदी शिक्षण योजना भी बैठक में उपस्थित रहे।
श्रीमती नलिनी प्रकाश एम.एस., हिंदी अनुवादक ने ईश वंदना प्रस्तुत की। तदनंतर श्री मनोहर एल. वाणियर, वरिष्ठ प्रधान, कार्मिक व सामान्य प्रशासन, आईज़ेक ने मंचासीन अधिकारियों के साथ-साथ सभागार में उपस्थित कार्यालय प्रधानों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया और साथ ही उन्होंने अपने स्वागत भाषण में, संसदीय राजभाषा समिति की आलेख एवं उप साक्ष्य समिति द्वारा दिए गए सुझावों पर प्रकाश डाला तथा नराकास के सभी सदस्य कार्यालयों के प्रधानों की बैठक में उपस्थिति की अनिवार्यता के बारे में भी बताया।
बैठक में सदस्य कार्यालयों के 97 कार्यालय प्रधान, प्रशासनिक प्रधान, राजभाषा अधिकारी एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
श्री ईश्वरचन्द्र मिश्र, सहायक निदेशक, केन्द्रीय अनुवाद ब्यूरो ने इसरो में राजभाषा कार्यान्वयन की दिशा में प्रगामी प्रयासों की सराहना की। तदनंतर उन्होंने ब्यूरो की तरफ से आयोजित किए जाने वाले विभिन्न अनुवाद प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विवरण देते हुए बताया कि सभी कार्यालय अपने यहां कार्यरत अनुवादक एवं राजभाषा के कार्य से जुड़े पदाधिकारियों को केंद्रीय अनुवाद ब्यैरो के प्रशिक्षण में नामित करे.
श्री राजेंद्र कुमार शर्मा, सहायक निदेशक, हिन्दी शिक्षण योजना ने केन्द्रीय सदन, कोरमंगला में चल रही नियमित हिन्दी कक्षाओं की जानकारी दी। उन्होंने कार्यालय प्रधानों से विभिन्न हिंदी प्रशिक्षण कक्षाओं में कर्मचारियों को नामित करने का अनुरोध किया।
श्रीमती गीता प्रसाद, सदस्य सचिव एवं हिंदी अधिकारी, आईज़ेक ने मंचासीन गणमान्यों एवं सभा में उपस्थित सभी पदाधिकारियों का अभिनंदन किया। तत्पशचात् उन्होंने अध्यक्ष नराकास (का-1) की अनुमति से बैठक की कार्यवाही शुरु की। इसके उपरान्त कार्यसूची पर चर्चा आरंभ हुई। तदनंतर, सदस्य सचिव ने नराकास (का-1) की गतिविधियों के बारे में संक्षिप्त रिपोर्ट प्रस्तुत किया।
श्री टेकचंद, उप-निदेशक(कार्या), क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय ने राजभाषा कार्यान्वयन से संबंधित तिमाही आँकडो पर गौर किया और विभिन्न मदों जैसे धारा 3(3), नियम 5, पत्राचार, कोड और मैन्युअल आदि पर विस्तार से चर्चा की।
साथ ही उन्होंने सभी सदस्य कार्यालयों से आग्रह किया कि नराकास (का-1) के तत्वावधान में हिंदी कार्यान्वयन के उत्तरोत्तर प्रगति हेतु सभी का सहयोग वांछनीय है।
डॉ. ए.के. शर्मा, नियंत्रक, आईज़ेक ने सभा में उपस्थित सभी पदाधिकारियों से अपील किया कि हिंदी के प्रचार-प्रसार को केवल लक्ष्य प्राप्त करने तक ही सीमित न रखते हुए उसे दैनिक काम-काज एवं बोलचाल में सहज रुप से उसका प्रयोग करें, जिससे स्वतः हिंदी का प्रचार-प्रसार होगा। इससे लोगों में हिंदी के प्रति जागरुकता बढ़ेगी और लोगों में हिंदी के प्रति झिझक दूर होगी।
साथ ही उन्होंने सभी सदस्य कार्यालयों से आग्रह किया कि नराकास (का-1) के तत्वावधान में हिंदी कार्यान्वयन के उत्तरोत्तर प्रगति हेतु सभी का सहयोग वांछनीय है।
डॉ. ए.के. शर्मा, नियंत्रक, आईज़ेक ने सभा में उपस्थित सभी पदाधिकारियों से अपील किया कि हिंदी के प्रचार-प्रसार को केवल लक्ष्य प्राप्त करने तक ही सीमित न रखते हुए उसे दैनिक काम-काज एवं बोलचाल में सहज रुप से उसका प्रयोग करें, जिससे स्वतः हिंदी का प्रचार-प्रसार होगा। इससे लोगों में हिंदी के प्रति जागरुकता बढ़ेगी और लोगों में हिंदी के प्रति झिझक दूर होगी।
डॉ एम.अण्णादुरै, अध्यक्ष, नराकास ने वर्ष 2018 के नगर राजभाषा कार्यान्यवन समिति (का-1) के केलैन्डर का विमोचन किया तथा उन्होंने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नराकास (का-1) के तत्वावधान में एक विशेष वेवसाइट बनाया गया है। साथ ही दैनिक कामकाज में प्रयोग किए जाने वाले संक्षिप्त नेमी टिप्पणियों की एक पुस्तिका भी तैयार की गई है, इसे सभी सदस्य कार्यालयों को दिया जा रहा है। अतः इस संबंध में उन्होंने सभी कार्यालयों प्रधानों से अनुरोध किया कि हिंदी के प्रचार प्रसार को बढावा देने हेतु, अपने कार्यालय के दैनिक कामकाज में हिंदी का अधिकाधिक प्रयोग करें एवं नराकास (का-1) के तत्वावधान में नए नए कार्यक्रमों का आयोजन करें और नराकास की प्रत्येक बैठक में कार्यालय प्रधान अवश्य भाग लें।
श्रीमती सीना राजेन्द्रन, वरिष्ठ हिंदी अधिकारी ने मंचासीन गणमान्यों एवं सभा में उपस्थित सभी पदाधिकारियों का आभार प्रकट किया। कुमारी अकांक्षा, सहायक, आईज़ेक ने पूरे कार्यक्रम का मंच संचालन किया।